18 September, 2018

Hum tumse na kuch keh paye

तुम हमसे न उम्मीद रखो किताबों वाली मोहब्बत की
नहीं आती हमको लब्ज़ोन में बयान करने वाली मोहब्बत 

शिकयात यह रहीं तुमको 
की नहीं ज़ुबान से जताया ,
जानेमन, कैसे कहे 
नहीं गवारा तुमको खोना  
ज़ुबान के फिसलने से 
जो रूह से महसूस हो वह एहसास को कैसे लब्ज़ोन में बयां करू ?


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